सीबीआई में नौकरी करते वक्त आपको दिल्ली क्यों नहीं चुनना चाहिए |

यह आर्टिकल उन लोगों के लिए नहीं है जो दिल्ली के मूल-निवासी हैं और अपने परिवारों के साथ रहते हैं। हालांकि कुछ पॉइंट उन पर भी लागू होते हैं, परंतु यह लेख मुख्य रूप से उन लोगों की परिस्थितियों पर प्रकाश डालता है जो दिल्ली में किराए पर रह रहे हैं तथा अपने परिवारों से दूर हैं।

 सी बी आई का मुख्यालय दिल्ली में है | सीबीआई की पूरी वर्कफोर्स का लगभग 30% दिल्ली में काम करता है | सीबीआई की दिल्ली में कुल मिलाकर 12 शाखाएं हैं – तीन आर्थिक अपराध शाखा, तीन विशेष अपराध शाखा में, तीन एंटी करप्शन शाखाएं,  एक एंटी करप्शन ब्यूरो,  एक इंटर-पोल, एक साइबर अपराध शाखा और एक स्पेशल यूनिट है इसके अलावा,  इसमें मुख्यालय रखरखाव और सहायक स्टाफ के कर्मचारी भी हैं | नतीजतन, दिल्ली headquarters सीबीआई में सबसे अधिक काम तथा सबसे कम resources वाली जगह है |

लगभग हर केस जिसमें माननीय उच्च न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा जांच का आदेश दिया जाता है, सीबीआई दिल्ली द्वारा ही इन्वेस्टिगेट किया जाता है। यह भी सीबीआई के संसाधन की कमी की समस्या को और बढ़ाता है।

एक सब इंस्पेक्टर के स्तर की बात करें तो दिल्ली एक गंभीर समस्या है| दिल्ली में कुल मिलाकर 8 अदालतें हैं जहां सीबीआई के मामलों की सुनवाई चल रही है | जब कोई सब-इंस्पेक्टर किसी केस का पैरवी अधिकारी होता है तब उसे संबंधित कोर्ट का दौरा करना पड़ सकता है जिसमें मामले की सुनवाई चल रही है | कभी-कभी स्थिति इस बात से और खराब हो जाती है कि आप के दो cases एक ही तारीख पर विभिन्न अदालतों में सुनवाई के लिए तय किए जा सकते हैं तथा आपको एक ही दिन उन दोनों अदालतों में जाना पड़ेगा |

 इसके अलावा यह भी एक ध्यान रखने योग्य बातें के दिल्ली एक बहुत बड़ा विशाल का शहर है जहां पर कोई भी दो अदालत एक दूसरे से कम से कम 15 किलोमीटर की दूरी पर है | इसके अलावा क्योंकि यह दिल्ली है, शहर में 15 किलोमीटर की दूरी तय करने का सबसे तेज तरीका दिल्ली मेट्रो है यहां तक कि आपकी अपनी कार से भी तेज, दिल्ली के ट्रैफिक के कारण। जहां आपकी कार आपको यह दूरी तय करवाने में कम से कम 40 से 50 मिनट का समय लेगी वहीं पर दिल्ली मेट्रो में आप 35 मिनट में यह दूरी तय कर सकते हैं| इसके अतिरिक्त क्योंकि यह दिल्ली है, इसलिए दिल्ली मेट्रो में आपको कभी भी सीट नहीं मिलेगी |

SI in CBI Delhi
You do not get a seat in Delhi Metro

ध्यान रखें कि दिल्ली मेट्रो दिल्ली में परिवहन का सबसे सुविधाजनक साधन है। यहां तक कि अगर आप एक बाइक या कार भी खरीदते हैं तो दिल्ली यातायात की वजह से आपकी कार एक घोंघे की गति से चलेगी और दिल्ली मेट्रो की तुलना में बहुत अधिक समय लेगी। दिल्ली में आज भी बड़ी संख्या में लोग मेट्रो के पार्किंग स्टैंड में अपने वाहन पार्क करते हैं और फिर मेट्रो में सवारी करके अपने ऑफ़िस जाते हैं | इस बात का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली मेट्रो अपने आवागमन में प्रतिदिन 27.6 लाख लोगों को ले जाती और लाती है – उसकी तुलना में दिल्ली की कुल जनसंख्या 1.6 करोड़ है |

अगर आपको यह बात बहुत छोटी लग रही है तो मैं आपको बता दूं कि यह बात नज़रअंदाज़ करने वाली नहीं है | आपको लगभग हर हफ्ते दो या तीन दिन बाहर field में जाना पड़ेगा और जब आपको यह सफर दिल्ली मेट्रो में ऑटो में या बस से करना पड़ेगा तो फिर यह एक futile exercise लगने लगती है | कम से कम मेरे साथ तो ऐसा ही हुआ था | 

Sub-inspector in CBI Delhi.
You are in a rat race in Delhi

ध्यान रहे, आपको लगभग किसी भी केस की फील्ड verification के लिए वाहन कभी वाहन नहीं दिया जाएगा । यह एक IO ही है जिसे अपने मामले के लिए सब कुछ प्रबंधित करना होगा। कभी कभी ऐसा भी होगा जब आपको एक ही दिन में दस्तावेज़ों की दो बड़ी boxes अदालत ले जाने और लाने की आवश्यकता होगी, तब आपको अपने आप ही auto का तथा एक कांस्टेबल का इंतेजाम करना होगा। ऐसा भी हो सकता है कि अदालत आपको हर सुनवाई पर इन दस्तावेजों को कोर्ट में produce करने का निर्देश दे तब आपको कोर्ट की हर हर तारीख के दिन ऐसा करना पड़ेगा | आप इन दस्तावेजों को अदालत में भी जमा नहीं कर सकते क्योंकि वे आपकी जिम्मेदारी हैं। यहां तक ​​कि एक भी महत्वपूर्ण कागज गायब हो जाता है, तो यह आपकी जिम्मेदारी होती है।

इसके अलावा क्योंकि दिल्ली एक राजधानी है तो यह भारत के सबसे महंगे शहरों में से एक है अगर आपको सीबीआई कार्यालय के 10 या 12 किलोमीटर के दायरे में  2 बीएचके फ्लैट किराए पर लेना हो तो कम से कम 15 से ₹20000 रुपये आपको देने पड़ेंगे हालांकि दिल्ली से बाहर के इलाके जैसे नोएडा ओखला बदरपुर आदि में आप 10 से ₹12000 में भी मकान किराए पर ले सकते हैं लेकिन इतनी दूरी से फिर से आपको अपने दैनिक आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ेगा। इन जगहों से आपको सीबीआई हेड ऑफिस पहुंचने के लिए कम से कम एक से डेढ़ घंटा लगेगा और यह सिर्फ एक तरफ की यात्रा में लगने वाला समय है।

आपकी दिनचर्या कुछ इस तरह होगी: सुबह 6:30 बजे उठना, 8.15 बजे घर से निकलना, सुबह 9.30 बजे ऑफिस पहुंचना, शाम 6.15 बजे ऑफिस से निकलना, 6.30 बजे मेट्रो में सवार होना और शाम 8.00 बजे अपने घर पहुंचना, थोड़ी देर टीवी देखना, अपना डिनर करना और फिर सो जाना | इस पूरी दिनचर्या में आप एक मशीन बन जाते हैं | दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन 2 से ढाई घंटे का सफर आपकी ऊर्जा स्तर को अत्यधिक कम कर देगा तथा आप जीवन का आनंद नहीं ले पाएंगे | 

जहां मैं काम करता हूं और अभी रहता हूं, मुझे अपने कार्यालय तक पहुंचने में ठीक 4 मिनट लगते हैं। इतने समय की बचत एक व्यक्ति अन्य productive तथा recreational कार्यों में लगा सकता है । यह एक बड़ी राहत है। 

इस तथ्य में जोड़ें कि दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। कुछ अनुमानों के अनुसार दिल्ली की हवा में एक दिन भी सांस लेना 9 सिगरेट पीने के बराबर है । यह आपके लिए बुरा है, बहुत बुरा | 

ये सभी समस्याएं खासकर दिल्ली में ही हैं। दिल्ली एक वरदान से अभिशाप बन गई है। दिल्ली में भीड़ एक exponential दर से बढ़ रही है। रोज़गार की तलाश में रोज 25,000 नए लोग दिल्ली आते हैं।

यदि आप दिल्ली के निवासी हैं तो आप यह सब सहन कर सकते हैं। आखिरकार, शाम को, आपको घर जाने को मिलता है, आप घर का बना खाना खाते हैं और आप अपने परिवार के साथ रहते हैं। लेकिन जो लोग अपने परिवार से दूर दिल्ली में अकेले रह रहे हैं, उनके लिए समस्या गंभीर हो गई है और यह सब thankless sustenance drive लगती है। यहाँ तक कि दिल्ली में भीड़ के कारण आपका रोजाना आने-जाने का समय भी एक torture जैसा लगने लगता है | यह एक कारण था कि मेरे कुछ दोस्तों और मैंने सीबीआई में नौकरी छोड़ दी।

यदि आप को सीबीआई की नौकरी किसी छोटे शहर में जैसे भोपाल में या  जयपुर में मिलती है जहां सिर्फ एक या दो ही कोर्ट है तब आप अपने जीवन का भरपूर आनंद ले सकते हैं। इन शहरों में वह सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो दिल्ली में है परंतु इन शहरों में दिल्ली की तुलना में बहुत कम भीड़ है। तथा इन शहरों में कॉस्ट ऑफ लिविंग भी दिल्ली की तुलना में काफी कम है | उदाहरण के लिए भोपाल में आपको सीबीआई कार्यालय से सिर्फ 4 किलोमीटर की दूरी पर  2BHK अपार्टमेंट मात्र ₹9000 में मिल सकता है | 

यह शहर आज वह शहर है जो कि दिल्ली आज से 25 वर्ष पहले था – Rich, Live and Vibrant तथा हर सुख सुविधा से भरपूर | 

मेरा सुझाव: यदि आप दिल्ली के निवासी हैं तो दिल्ली के लिए ही जाएं। अन्यथा किसी और छोटे शहर को नौकरी के लिए चुने | आप अधिक खुश रहेंगे।

पढ़ना जारी रखें –

  1. भाग 1: सीबीआई प्रशिक्षण का परिचय: सबसे अच्छी बात जो कभी मेरे साथ हुई।
  2. भाग 2: CBI प्रशिक्षण का सिलेबस: सबसे जादुई चीज।
  3. भाग 3: सीबीआई प्रशिक्षण में यात्रा और अभ्यास: जीवनकाल के अनुभव में एक बार।
  4. सीबीआई की विभिन्न शाखाएँ क्या हैं और उनमें से प्रत्येक में उप-निरीक्षक की क्या भूमिका है।
  5. सीबीआई में स्थानान्तरण, स्थान और पोस्टिंग।
  6. CBI में सब-इन्स्पेक्टर महिलाओं के लिए सबसे अच्छा विकल्प क्यों है ?
  7. सीबीआई में एक उप-निरीक्षक को क्या काम और कर्तव्य सौंपे जाते हैं?
  8. सीबीआई में एक सब इन्स्पेक्टर के pramotions केसे होते हैं तथा Direct DySP परीक्षा क्या है?
  9. सीबीआई उप-निरीक्षक को कितने छुट्टिया मिलती हैं – सैद्धांतिक और व्यावहारिक रूप से?
  10. एक सीबीआई सब इन्स्पेक्टर की सैलरी – ssc की सभी जॉब्स में सबसे बेहतर
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