एक सीबीआई सब इन्स्पेक्टर की सैलरी – ssc की सभी जॉब्स में सबसे बेहतर

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सीबीआई के पुलिस विभाग है। कोई भी पुलिस विभाग सीधे इंस्पेक्टर की भर्ती नहीं करता है इसलिए सीबीआई में आपको सब इंस्पेक्टर के पद पर ही तैनाती दी जाती है। परंतु इसका मतलब यह नहीं है सीबीआई अपने सब इंस्पेक्टर का ध्यान नहीं रखती |

सातवें वेतन आयोग में जब सीबीआई उप निरीक्षक का ग्रेड पे 4200 था तब विभिन्न अन्य विभागों में जैसे इनकम टैक्स, सेंट्रल एक्साइज तथा कुछ अन्य में इन्स्पेक्टर का ग्रेड पे 4600 था। इससे उनकी आय में आई कमी की भरपाई करने के लिए सीबीआई अपने कर्मचारियों को वेतन का 25% अधिक दे रही थी जिससे सीबीआई सब इंस्पेक्टर का वेतन एक आयकर निरीक्षक के बराबर हो रहा था। परंतु अब एक सीबीआई इंस्पेक्टर के लिए स्थिति बहुत अच्छी हो गई है |अब सीबीआई सब इंस्पेक्टर का ग्रेड पे 4600 कर दिया गया है तथा उनको उनकी मासिक आय का 20% एक विशिष्ट अलाउअन्स के अंतर्गत अधिक दिया जाता है | इससे एक सीबीआई सब इंस्पेक्टर की मासिक आय बाकी विभागों के इंस्पेक्टर से लगभग ₹10000 ज्यादा हो गई है |

इसके अतिरिक्त सीबीआई सब इंस्पेक्टर को13 महीने का वेतन दिया जाता है परंतु उसकी शर्त यह है की उसको प्रतिमाह ढाई दिन अपनी छुट्टी के दिन आना पड़ेगा | इस प्रकार ढाई दिन 12 महीने के हिसाब से आप के 30 दिन बनते हैं तो इस तरीके से आप जितने दिन एक्स्ट्रा ऑफिस आएंगे इतने दिन की सैलरी आपके अप्रैल के महीने में आएगी |

आइए, एक मासिक वेतन की मोटी-मोटी गणना करें –
Grade Pay 4600/- के अनुरूप बेसिक पे = 44900/-
मंहगाई भत्ता (17% 17.08.2020 को ) = 7633/-
दिल्ली (x ग्रैड सिटी ) में यात्रा भत्ता = 3600 + da = 3600 + 17% ऑफ 3600 = 4212/-
दिल्ली (x ग्रैड सिटी ) में हाउस रेंट भत्ता = 24% ऑफ बेसिक पे = 24 * 44900/100 = 10776/-

इस प्रकार किसी अन्य विभाग के निरीक्षक को 44900 + 7633 + 4212 + 10776 = 67521/- रुपए मासिक वेतन मिलेगा |

परंतु सीबीआई में आपको एक विशेष भत्ता भी दिया जाता है – जो आपकी बेसिक + मंहगाई भत्ते का 20% होता है |

विशेष भत्ता – 20%(44900 + 7633) = 10506/- रुपए
इस प्रकार एक सीबीआई सब-इन्स्पेक्टर का कुल मासिक वेतन बनेगा – 78027/-।
(नेट-इन-हैंड सैलरी के लिए, NPS, CGHS, CGEIS, इनकम टैक्स आदि के लिए लगभग 6,000 / – रुपये की कटौती करें)

इसके अतिरिक्त, एक उप-निरीक्षक भी विभाग से एक सिम कार्ड का हकदार होता है। यदि कोई सिम कार्ड जारी नहीं किया जाता है, तो वह अपने स्वयं के सिम को पोस्टपेड में बदल सकता है और रु 500/- तक के बिल का दावा कर सकता है। लेकिन यह सुविधा सभी विभागों में उपलब्ध है इसलिए इसमें कुछ खास बात नहीं है।

इसके अलावा, सीबीआई एकमात्र विभाग है जहां पहली पदोन्नति 4 साल के भीतर होती है, कभी-कभी साढ़े तीन साल में भी हो जाती है । इसका मतलब यह है कि आप 4 साल में इंस्पेक्टर बन जाएंगे, जिसका मूल वेतन रु 47,600 /- जिससे आपका मासिक वेतन लगभग प्रति माह लगभग पांच से छह हजार रुपये और बढ़ जाएगा |

कैरियर के प्रारंभ में ही इतना सैलरी में बढ़ोतरी शायद ही कोई अन्य विभाग देता है |

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